ग्वालियर मध्य प्रदेश: शहर में अपहरण की झूठी कहें या सच्ची कहें या इसके पीछे की जो भी वजह रही हो, लेकिन एक ऐसी घटना हुई जिसने पुलिस को चक्कर घनी कर दिया और आखरी में जो कुछ हुआ वह चौंकाने वाला रहा। चेतक पूरी चेकिंग प्वाइंट से एक कार में दो युवकों द्वारा एक युवती के अपहरण कर भगा। ले जाने की जानकारी पुलिस को मिली पुलिस ने तत्परता। दिखाते हुए पंद्रह मिनट के अंदर ही कार को पकड़ लिया, लेकिन लेकि इसके बाद कहानी ने जिस तरह से यू टर्न लिया वह हैरान करने वाली है।
कार में दो युवक थे और एक युवती इस युवती ने पुलिस को अपनी उम्र 23 बताई यह कार। तेज गति से जब रॉक सी पहुँची। वहां चेकिंग प्वाइंट पर तैनात पुलिस कर्मियों ने अपनी तत्परता से उस कार को पकड़ लिया। कार पकडऩे पर कार में बैठे युवक युवती हक्के-बक्के रह गए। पुलिस ने पूछताछ की और युवती के परिजनों को भी बुला लिया तो फिर जो कुछ घटा वह हैरान करने वाला है। युवती के परिजन पुलिस को यह कहते हुए नजर आए के इन। युवकों से हमारे पारिवारिक संबंध हैं, पहले का आना जाना है। हालांकि यह बात पुलिसकर्मियों को गले नहीं उतर रही थी। फिर भी जब परिजन कोई शिकायत करना नहीं चाहते थे तो पुलिस ने भी ट्रैफिक। नियमों के उल्लंघन की कार्रवाई करके युवक युवति को छोड़ दिया।

लेकिन जो हकीकत चेतक पुरी पॉइंट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी जैनेन्द्र सिंह बता रहे हैं वह कुछ अलग ही कहानी कह रही है। उनका कहना है कि उन्होंने एक स्विफ्ट डिजायर कार। में सवार युवकों को एक लड़की को जबरदस्ती खींच कर। कार। में बिठाते देखा। राहगीरों ने भी पुलिसकर्मी को अपहरण का संदेह जताया। जिस पर पुलिसकर्मी ने तत्परता। दिखाते हुए। प्वाइंट पर यह सूचना प्रेषित कर दी कि एक कार। लड़की को अपहरण करके ले गई है। अब सवाल यह उठता है कि परिजन की कहानी युवकों से पुराना परिचय को सही मानें तो जो घटना ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने देखी वह क्या थी?
अब जहां कार को पकड़ा गया, उस रॉक्सी पॉइंट के पुलिस कर्मियों कि कहानी को भी समझिए जिस तरीके से कार वहां आई पुलिस ने रोकने की कोशिश की पुलिसकर्मियों का कहना है एक कार चालक युवकों ने पुलिसकर्मियों को छकाकर और भागने की कोशिश की लेकिन पुलिसकर्मियों ने पूरी मशक्कत।के साथ कार को रोक लिया। जिस तरह की यह घटना हुई है उससे साफ नजर आ रहा है कि पुलिस को आखिरी में जो कहानी सुनाई गई है हकीकत उससे कोसों दूर है। और यह हकीकत क्या है इसपर शायद परिजनों ने ही परदा डाल दिया है।

आपको बता दें ज्यादातर इस तरह के मामलों में परिजन ऐसी कोई भी घटनाओं को समाज के सामने आने से इसका खुलासा होने से रोकने का प्रयास करते हैं। और इसके पीछे की एकमात्र वजह होती है झूठी इज्जत और झूठी शान को बचाने की कोशिश करते रहना। यदि युवक युवती परिचित थे तो क्या कारण था। युवती को जबरदस्ती खींचकर कार में बिठाया गया। क्या कोई लव ट्रायंगल का मामला तो नहीं था। पूरी घटना पर ध्यान दें तो पाठकों के मन। में कई सवाल उमड़ सकते हैं लेकिन यह सवाल इस तरह की हर कहानी की तरह अनसुलझे ही रह जाएंगे। और यकीन मानिए इस पूरे कहानी के पीछे की पूरी हकीकत यदि। कोई जानता है तो वह युवती केवल वह युवती।
इस पूरी घटनाक्रम में पुलिस ने जो तत्परता दिखाई उसके लिए। पुलिस की तारीफ करनी चाहिए क्योंकि जब पुलिस ऐसे किसी मामले में आरोपी को नहीं पकड़ पाती अपराध को नहीं रोक पाती तो यही समाज पुलिस के ऊपर तमाम आरोप लगाता है। हर किसी मामले में खुद की गलतियां और कमियों को छुपाते हुए पुलिस पर ही पूरा दोष मढ़ दिया जाता है। यकीन मानिए कि इस घटना के बाद भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घट जाती तो पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगते लेकिन जब पुलिस ने तत्परता दिखाकर कुछ ही मिनट में बड़ी अनहोनी को होने से रोक लिया तो उल्टा पुलिस को ही परिजनों ने अपनी कहानी सुनाकर मामले को रफा दफा कर दिया। एक सवाल जेहन में ज़रूर रहेगा कि आखिर परिजन क्या छुपा रहे हैं?