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गुजरात कच्छ में भूकंप के झटके, देखिये भूकंप की तस्वीरें, जानिए क्यों आता है भूकंप 

अहमदाबाद गुजरात: गुजरात का कच्छ जिला रविवार सुबह भूकंप के झटके फिर फिर एक बार कांप उठा। आपको बता दें कि 2021 में इसी क्षेत्र में भयावह भूकंप आया था। भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। गांधीनगर स्थित आईएसआर ने बताया कि भूकंप सुबह 10.06 बजे आया और इसका केंद्र भचाऊ से 18 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व में स्थित था। हालाँकि भूकंप की तीव्रता कम होने से किसी प्रकार के जनहानि की कोई सूचना नहीं है।

जिला प्रशासन ने बताया कि किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है।  इस महीने जिले में तीन से अधिक तीव्रता वाला यह तीसरा भूकंप है। 23 दिसंबर को कच्छ में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था। आईएसआर के मुताबिक, सात दिसंबर को जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। 2001 में आया भूकंप कितना भयावह था आप नीचे की तस्वीर देखकर समझ सकते हैं।

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है। 2001 में आया भूकंप कितना भयावह था आप नीचे की तस्वीर देखकर समझ सकते हैं।

साल 2001 में गुजरात के कच्छ में भयंकर भूकंप आया था. इस भूकंप को भुज भूकंप के नाम से भी जाना जाता है. यह भूकंप 26 जनवरी, 2001 को सुबह 8:46 बजे आया था. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 थी. यह भूकंप भारत के पिछले 200 सालों में तीसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप था। 2001 में आए भूकंप आपके विनाश को आप नीचे लिखे बिंदुओं से समझ सकते हैं।

इस भूकंप में करीब 13,800 लोगों की मौत हुई थी।

इस भूकंप में 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।

इस भूकंप में करीब 4 लाख लोग बेघर हुए थे।

इस भूकंप में भुज के 40 फ़ीसदी घर, आठ स्कूल, दो अस्पताल और चार किलोमीटर सड़कें तबाह हुई थीं।

इस भूकंप से पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी असर पड़ा था।

इस भूकंप के बाद भुज में बहुमंज़िला इमारतें बनना बंद हो गई हैं।

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