सिंधिया का कलेक्ट्रेट में मीटिंग का मुद्दा गरमाया, राज्यपाल व शासन तक पहुंची शिकायत

ग्वालियर: सिंधिया की कलेक्ट्रेट कार्यालय में अधिकारियों की मीटिंग विवाद का विषय बन गई है। न तो वह विधायक हैं न सांसद न ही किसी अन्य पड़ पर फिर उनको मीटिंग का अधिकार कैसे मिला? इस आधार पर बीजेपी की लीगल सेल ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट में आयोजित सिंधिया की बैठक की शिकायत की है, इस मामले में सोशल मीडिया पर भी सिंधिया को लेकर कई तरह की टिप्पड़ी की जा रही हैं।

वीओ- भारत सरकार, राज्यपाल और प्रमुख सचिव से इस बैठक को लेकर शिकायत की गई है। अधिवक्ता अवधेश तोमर के द्वारा भेजी गई शिकायत में जानकारी मांगी गई है कि किस हैसियत से सिंधिया ने सरकारी दफ्तर में बैठक ली और अध्यक्षता की। बीजेपी ने सिंधिया द्वारा ली गई पिछली दो सरकारी बैठकों की जानकारी आरटीआई के तहत भी मांगी है। बीजेपी का कहना है कि वो इस मामले को लेकर जल्द ही कोर्ट का रूख करेगी। गौरतलब है कि बुधवार को ग्वालियर आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कलेक्ट्रेट में बैठक लेकर अध्यक्षता की थी, जिसमें केबिनेटमंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, विधायक प्रवीण पाठक, मुन्नालाल गोयल के साथ कलेक्टर अनुराग चौधरी, निगम आयुक्त सन्दीप माकिन और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल हुए थे। पहले भी सिंधिया द्वारा बिना अधिकार के सरकारी अधिकारियों को महल में बुला बैठक लेने का मुद्दा गरमाया था। अब देखना होगा कि लोकतांत्रिक कमलनाथ सरकार ग्वालियर के महाराज श्रीमंत सिंधिया के विरुद्ध क्या कदम उठाती है।

 

ब्यूरो रिपोर्ट, इंगलेज़ पोस्ट

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