दहशतगर्दी के पुराने वीडियो दिखा बीबीसी कर रहा है देश को गुमराह

हाल ही में मोदी सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 और 35अ हटा कश्मीर का इतिहास और भूगोल दोनों बदल दिया गया। इस निर्णय का स्वागत करते हुए कश्मीरियों ने इसे स्वीकार कर लिया। और घाटी में अमन चैन है।

लेकिन घाटी का ये अमन चेन ओर ये सद्भाव का माहौल कुछ देश विरोधी ताकतों को रास नही आ रहा है। और जनता को गुमराह करने के लिए फसाद के पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किये जा रहे हैं। इस तरह से लोगो की भावनाओं को भड़काने में सबसे आगे बीबीसी होड़ लगाए है। इस तरह से लोगों की भावनाओ को भड़का कर बीबीसी को क्या मिल रहा है ये तो उसको सरक्षण देने वाले ही बता सकते है।

सच्चाई ये है कि कश्मीर का विकास कुछ मौका परस्तों ने 370 की आड़ में रोक रखा था। युवा वेरोजगार थे जो चंद रुपयों के लिए पत्थरबाज बनने पर मजबूर थे। आज कश्मीर की आवाम खुद को आज़ाद महसूस कर रही है। तो दहशतगर्दी करने वाले परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें  हैं।

हो सकता है कि बीबीसी पर दिखाई जाने वाली वीडियो ऐसे ही किसी देशद्रोही की बदनीयती की तस्वीर हो। एक ओर तो सोशल मीडिया पर ये बताया जा रहा है कि चप्पे चप्पे पर फौज है धारा 144 लगी है तो फिर इतनी भीड़ ओर फसाद कैसे सम्भव है।

आवाम देशहित में लिए निर्णय से खुश है कश्मीर में सुकून है। इसलिए ऐसे किसी भी सोशल मीडिया की अफवाह कल तवज्जो नही देनी चाहिए।

 

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