न पानी न सुरक्षा, ऐसा है करोड़ो रूपये से बना ये स्मार्ट लेडीज़ पार्क

स्मार्ट सिटी के नाम पर कैसे लग रहा है जनता के टेक्स की कमाई पर पलीता। इसका हाल एक पार्क बयाँ कर रहा है। नाम तो है लेडीज़ पार्क जिसे पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की याद में बनाया गया था लेकिन महिलाओ से जब यहां बात की तो पता चला कि नाम का लेडीज़ पार्क है न तो महिलाओं के लिए सुरक्षा है न कोई सुविधा। करोड़ो रूपये ख़र्च इस सालो पुराने लेडीज़ पार्क को स्मार्ट पार्क बनाने का दावा किया गया था। इसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा पिछले साल तीस सितम्बर को किया गया था।

 

महिलाओ ने बताया कि पार्क असामाजिक तत्वों की शरण स्थली बन चुका है। लोग छेड़ छाड़ करते है दारू पीते है।
पार्क में चारो तरफ गंदगी फेली हुई है साफ दिख रहा है कि सफाई यहां रोज तो होती नहीं। गर्मी में लोग परेशान होते है लेकिन पीने का पानी तक जनता को नसीब नही । गार्ड ने बताया मोटर खराब है। केमेरा देख पार्क कर्मचारी राणा ओर सुनीता ने कई चीजों को छिपाने की कोशिश की लेकिन जागरूक जनता ने कैमरे के सामने स्मार्ट पार्क की पूरी कलई खोल दी। सफाई कर्मचारी सुनीता भाग कर शौचालय साफ करने पहुंची लेकिन कैमरे की नजर से बच न सकी। देखे केसी हालत है शौचालय की। इतनी बदबू की आप एक मिनिट को सह नही सकते।
यही नही इस नाम के स्मार्ट पार्क में एक कोने में कुआ भी खुला हुआ है और उसके पास ही बच्चे खेल रहे हैं। शायद किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदार सबक लेंगे और कुएं को बंद करेंगे लेकिन तब तक कहीं किसी के जिगर के टुकड़े की जान पर न बन आये।
अब सवाल ये उठता है कि क्या ऐसे ही होंगे स्मार्ट सिटी के पार्क? जनता का कहना है कि पार्क में करोड़ो रुपया कहा लग गया दिखाई नही देता। गौर करने वाली बात यह भी है कि क्षेत्रीय पार्षद व विधायक प्रवीण पाठक इस पार्क से चंद कदमो पर ही रहते है। लेकिन जनता के करोड़ो रूपये लगने के बाद भी यह लेडीज़ पार्क स्मार्ट पार्क क्यों नही बन पाया, इतना बताने की स्मार्ट नेस न तो जन प्रतिनिधियों ओर न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक दिखाई है।

 

ग्वालियर से गजेंद्र इंगले की खबर

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