राहुल शो या सिंधिया शो, सिंधिया को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट की मांग पर राहुल, कमलनाथ हुए असहज

ग्वालियर. अचंल के दो दिन के चुनावी दौरे पर आए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने निश्चित ही कारयकर्ताओ में जोश भर दिया हो। सुबह शहर से रवाना होने से पहले जयविलास परिसर में चुनिंदा कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओं से मिलकर सिंधिया ने राहुल गांधी की मुलाकात कराई। राहुल ने सभी से कहा कि कांग्रेस के लिये बेहतर काम कीजिये। अब उन्होंने ऐसा क्यों कहा इसके कई मायने हो सकते हैं। इसी बीच यह है मेरा कार्यकर्ता, यह है मेरा शेर  जैसे सम्बाद कई कांग्रेसियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस कार्यक्रम ने साबित कर दिया कि अंचल में सिंधिया के बिना कांग्रेस का कोई वजूद नही है।

 

हुआ यूं कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक एक कर सभी से राहुल गांधी की मुलाकात और परिचय कराया। इस दौरान अधिकतर कांग्रेसियों की जुबान पर एक ही बात थी प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करें। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मुस्कुराकर रह गए। कांग्रेसियों से मुलाकात के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी साथ चल रहे थे। जो खुद भी अपनी भावनाओं को व्यक्त नही कर पा रहे थे। कार्यकर्तओं द्वारा सिंधिया को मुख्यंन्त्री बनाने की मांग पर कमलनाथ व राहुल गांधी दोनो ही असहज नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात करने वालों में 200 कांग्रेसी पहुंचे थे। सिंधिया ने सभी का एक एक कर परिचय कराया। इस दौरान किसी ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया तो किसी ने हाथ मिलाया। इनमे से ज़्यादातर लोगो ने जिस तरह कांग्रेस छोड़ सिंधिया की ही बात की उससे यह राहुल शो की जगह सिंधिया शो ज्यादा नजर आया।

जिस तरह के पोस्ट ओर कमेंट कॉंग्रेस कार्यकर्ताओ द्वारा भी सोशल मीडिया पर डाले गए हैं उनमे सिंधिया की ही चर्चा ज्यादा दिखाई दे रही है। ये बात काबिल ए गौर है कि इस रैली में जुटी भीड़ ने सत्ता धारी भाजपा की नींद उड़ा दी है। लेकिन इस भीड़ को देख सिंधिया विरोधी धड़े भी कम चिंतित नही है।

 

कांग्रेस के एक बड़े नेता को तो अपनी उपस्थित ओर सक्रियता दिखाने के लिए अगले ही दिन बड़े बड़े विज्ञापन का सहारा लेना पड़ा। जिससे अगले दिन राहुल के कार्यक्रम की खबर पढ़ने वाले कांग्रेस हाई कमान के लोगो इन नेता जी के वर्चस्व को अनदेखा न करें। ज्यादातर फ़ोटो में राहुल के साथ सिंधिया ओर कमलनाथ नजर आए। प्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्गी राजा कहीं नजर नही आये। सिंधिया विरोधी कई नेता भी नदारद ही रहे। अब देखना होगा कि राहुल गांधी द्वारा फूंका गया जोश कांग्रेस के सभी धड़ों के कार्यकर्ताओं को चुनाव तक एक जुट रख पाता है कि नही। जो कांग्रेस की जीत के लिये सबसे अहम है।

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