सतगुरु रामपाल महाराज के लाखों भगत मध्य प्रदेश और राजस्थान में चुनाव के नतीजों को करेंगे प्रभावित

इंदौर: अभी हाल ही में रामपाल जी महाराज को दो मामलो में हिसार कोर्ट ने दोषी करार दिया है। इस फैंसले को लेकर सतगुरु महाराज के भगतो में रोष व्याप्त है। भगतो का मानना है कि तानाशाही पूर्वक कानून के विरुद्ध रामपाल महाराज को जेल में रखा गया है।

जब हिसार कोर्ट में रामपाल के केस नंबर 429 व 430 का फैंसला किया जा रहा था। उस समय रामपाल महराज की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता को कोर्ट परिसर में जाने से रोका गया। और वह जिरह नही कर सके। इस बारे में ए पी सिंह ने कहा कि यह बिल्कुल गलत हुआ। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त के विरुद्ध है। हर आरोपी के यह हक है कि उसकी बात सुनी जाए। लेकिन उन्हें पैरवी करने से रोका गया।

रामपाल महाराज के भगतो का कहना है कि जहां एक ओर देश का कानून सड़क पर गोली चलाते आतंकवादी को पकड़ जेल में सभी सुविधाएं देता है और सरकारी वकील देकर पैरवी का पूरा मौका देता है। तो किस कानून के तहत सतगुरु जी को पैरवी के अधिकार से वंचित रखा गया।

अब ये भगत आने वाले चुनाव में अपने वोट से अपना विरोध दर्ज कराने का मन बना रहे है। हरियाणा की सरकार के इस तानाशाही रवैये से उनमें जो रोष है उसे वह अपने वोट से व्यक्त करेंगे। हिसार कोर्ट के फैंसले के दौरान 25000 भगत वहां मौजूद थे लेकिन  उन्होंने न्यायलय के फैंसले का सम्मान किया। जहां प्रशासन भारी हिंसा की उम्मीद कर रहा था। शांतिप्रिय भगतो  ने हिंसा तो क्या शोर शराबा तक नही किया।

सूत्रों की माने तो आगामी विधान सभा चुनाव में रामपाल महाराज के भगत मध्य प्रदेश और राजस्थान में किसी भी पार्टी का  चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं। सतगुरु रामपाल महाराज के मध्य प्रदेश कॉर्डेनेटर विष्णु भगत जी के अनुसार मध्य प्रदेश में रामपाल महाराज के तीस लाख से अधिक अनुयायी है और लगभग इतने ही अनुयायी राजस्थान में हैं। जिनमे 18 वर्ष से अधिक उम्र के भगतो की संख्या अधिक है। जो सभी मतदाता है।

सूत्रों से मिली खबर के अनुसार इन भगतो में सत्ता के विरुद्ध रोष है। ये सभी भगत एक ओर जहां रामपाल महाराज को पूर्णतः निर्दोष मानते हैं तो वहीं दूसरी ओर सरकार पर अन्याय का आरोप लगाते है। अभी तक उन्हें न्यायालय पर विश्वास था क्योंकि पिछले छह मसलों में कोर्ट ने रामपाल महाराज को निर्दोष बताया। लेकिन इस बार जिस तरह अधिवक्ता ए पी सिंह को पैरवी से रोक एक तरफा फैंसला सुनाया गया। इसे भगत सरकार का षड्यंत्र मानते है। लेकिन किसी बजी तरह का आक्रोश सड़क पर दिखाने के बजाय उन्होंने शांतिपूर्वक अपने वोट के माध्यम से विरोध व्यक्त करने का मूड बना लिया है।

विशनु भगत जी के अनुसार मध्य प्रदेश के मालवा व विंध्य क्षेत्र में कई विधान सभा तो ऐसी हैं जहां इन भगतो की संख्या 35 से 40 हजार तक है। उज्जैन रतलाम से लेकर बेतुल बालाघाट तक लाखो की संख्या में रामपाल के अनुयायी हैं जो यह तय कर सकते है कि आगामी विधान सभा चुनाव का ऊंट किस करवट बैठेगा।

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